यह कहानी मेरी और मेरी दीदी आशि की है मैं एक 18 साल का लड़का हूं मेरा नाम राघव है मैं दिखने में दुबला पतला और लोड़े का साइज जॉनी सिंस के बराबर का है
मेरे परिवार में मैं और मेरी बहन और मेरे मम्मी पापा रहते हैं मेरी बहन 20 साल की है दिखने में ठीक-ठाक है वह एक मोटा चश्मा लगाती है और स्लिम फिगर है मुझे स्लिम फिगर की लड़कियां पसंद नहीं
यह बात उसे रात की है जब मेरे मम्मी पापा गांव किसी जरूरी काम से गए हुए थे और मैं अपने दोस्तों के पास से रात को लेट घर आया
घर का दरवाजा खुला था और मैं अंदर चला गया हमारे घर में तीन कमरे हैं जिसमें मेरा और मेरी बहन का एक लिविंग रूम और एक मम्मी पापा का बेडरूम जब मैं घर आया तो घर की लाइट ऑफ थी और सिर्फ मेरे और दीदी वाले कमरे की ओं थे
मेरी बहन की कोई दोस्त नहीं थे और वह हर समय अकेली रहती है उसे देखकर साफ पता चलता था कि उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं देता क्योंकि वह पतली चश्मिश और दिखने में ठीक-ठाक की थी कोई सुंदर नहीं थी
मैं रसोई में जाकर पानी पीने लगा और मेरे कमरे का दरवाजा हल्का खुला थामैं जैसे ही जूते उतार कर अपने कमरे में घुसने लगा मुझे बहन की हल्की-हल्की आवाज़ आई और मैं रुक गया
दरवाजा हल्का खुला था और मैं वहां से झांक कर देखा तो मेरी बहन बेड पर पूरी तरह नंगी घोड़ी बनाकर लेटी थी और सामने फोन टिककर पॉर्नऔर नीचे से अपनी चूत में रगड़ा मार रही थी
यह देखकर मुझे बहुत ताज्जुब हुआ क्योंकि मैं तो अपनी बहन को पागल समझता थापर जैसे हिसाब से वह अपनी चूत में उंगलियां चल रही थी वह देखकर मेरे होश उड़ गए
उसकी टांगेंअधिक बोरी और चूत हल्की गुलाबी थी उसकी गांड पतली और हड्डियां चोदने वाली थी मैं देखता रहा और उसकी कामुक आवाज़सुनता रहा
मेरा हवाई जहाज के बराबर का लौड़ा एकदम टनाटन खड़ा हो गया और मेरी पेट फाड़ कर बाहर आने को था इतने में मेरी बहन की सिसकियां और बढ़ गई वह जोर-जोर से सिर्फ कार्य लेने लगी और चिल्लाने लगी जोर से उसने चूत से पिचकारी मेरे पलंग पर दे मारी
उसे यह अंदाजा भी ना था कि उसका शिकारी भाई उसकी चूत को देखकर अपना लौड़ा मसल रहा हैउसके बाद वह आंखें बंद करके नंगी ही लेट गई मिशनरी में
वह अपनी चूत में फिर से उंगली करने लगी मैं भी अपना मत लैंड खिला रहा और मैं झरने ही वाला था कि मेरे मुंह से आंख की आवाज निकली जिससे मेरी बहन एकदम डर गई और बैठ गई
उसने फटाक से चद्दर उठाकरअपने ऊपर बढ़ा ली और वह पसीने में लटपट औरमुझसे बोली राघव यह क्या कर रहे हो तुम?
मैं कमरे के अंदर चला गया और काफी डरा हुआ था दीदी ने मुझे लैंड पेट में वापस डालने के समय भी नहीं दिया मैं अपना मटका हिचकोले खाता हुआ घोड़े जैसा लोड़ालेकर दीदी के सामने चला गया
दीदी मेरी आंखों में देखी और मैं शर्मनाक महसूस करने लगा इस वक्त वह मेरे लोड़े को देखकर दंड रह गई मुझे लगता है दीदी ने ऐसा हथोड़ा पहली बार देखा है
दीदी ने हल्की-हल्की चादर हटा दी और मैं दीदी की लड़की चूचियों को साफ-साफ देख पा रहा था दीदी के जिस्म की आग की तपिश मुझे कमरे में खड़े-खड़े महसूस हो रही थी
वह बोली “आने दे मम्मी पापा को उन्हें सब बता दूंगी”
मैं काफी डर गया और बोला दीदी ऐसा मत करना आप जो कहोगे मैं वह करूंगा बस मम्मी पापा को मत बताना
दीदी बोली “मेरी कुछ ख्वाहिश है अगर तू उन्हें पूरी कर पाए तो तू बच जाएगा”
मैं बोला दीदी मैं कुछ भी करने को तैयार हूं आप बस किसी से मत बताना दीदी बोली क्या तू मेरी मदद करेगा ? मेरीआग को बुझाने में मेरी चूत की गर्मी पर अपना ठंडा माल निकलेगा?
में बोला, “दीदी, मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ? आप मेरी सगी बहन हो?
दीदी बोली “राघव अब सेक्स के बगैर मुझे रहा नहीं जाता मुझे अब सेक्स का आनंद ना मिला तो मैं पागल हो जाऊंगी”
मैंने सोचा दीदी की चुदाई की वासना उनके दिमाग पर चढ़ गई है ऐसा ना हो कि वह किसी गलत मर्द के हाथों में चली जाए
दीदी अपनी भूख मिटाने के लिए किसी गैर मर्द से चुड़ेगी तो हो सकता है उनकी बदनामी भी हो जाए इसीलिए मैंने दीदी की आंखों में देखा और मुझे उनकी आंखों में वासना के दौर दिखाई दिए अब मैं भी तेरा मर्द तो कब तक अपना लौड़ा काबू कर पाता मैं अपने होंठ आगे बढ़ाई और दीदी के होठों पर किस करने लगा दीदी पहले से टपक रही थी और उंगलियां अब तक गीली थी
दीदी मेरे होठों को चूसने लगी मैं भी सेक्स की आग में जल चुका था और हमने एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए अब हम दोनों नंगे थे और दीदी एक हाथ से मेरा लौड़ा मसाला रही थी दीदी ने मेरे लोड़े को अपने मुंह में ले लिया दीदी लैंड की इतनी दुखी थी कि अपनी जुबान मेरे लोड़े से ऐसे खेल रचा रही थी कि मेरी सिर्फ कार्य छूटने लगी “aah aah didi”
दीदी ने करीब 10 मिनट मेरा लंड चूसा और मेरा पानी निकाल दिया वह मेरा सारा माल चाशनी की तरह पी गई और चाटने लगी मेरे लोड़े के तोते कोदीदी ने इतनी जोर से मेरा लंड चूसा कि मेरा बेचारा लौड़ा लाल पड़ गया था
और वह बोली क्या “लन है तेरा ऐसा लैंड तो मैं सपने में देखी थी मुझे आज तृप्ति कर दे”
अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और वह मेरा लौड़ा चूस रही थीऔर मैं अपने मुंह के ऊपर एक शानदार गुलाबी जी भी और साफ चूत देख पा रहा था बे रहने से छूट के पर्दे मैंने अपनी होठों से साइड किया और अपनी जुबान दीदी के भोसड़े के अंदर डाल दी दीदी के मुंह से गर्म गर्म मॉर्निंग सुनने का आनंद लेने लगा
दीदी की चूत इतनी नमकीन थी कि मेरे पूरे गले को नमकीन कर दिया पर मुझे बहुत मजा आ रहा था दीदी भी मेरे लंड को पूरा हलक में उतर चुकी थी
इसके बाद मेरा हथियार शैतानी रूप में आ गया मैंने दीदी को बेड पर सीधा लेट दिया उनकी हल्की ब्राउन चूचियों को पीट पीट अपना लंड उनकी चूत पर मसलने लगा दीदीकी लंबी गर्म सांसे सीधा मेरे कानों में आकर दीदी के भोसड़े में लंड जोर-जोर से करने को कह रही थी
मैं च पीते पीते एक हाथ नीचे ले जाकर अपना लौड़ा दीदी की प्यारी चूत में घुसा दिया और दीदी के मुंह से आवाज निकली “ए बहुत बड़ा है राघव तेरा आराम से करना”
मेरा लंड मेरी बहन की चूत में आधा ही गुस्सा था और वह दोबारा बोली “मैं पहली बार ऐसा तगड़ा लौड़ा ले रही हूं आराम से करना कहीं मेरी चूत इस बड़े लोड़े को झेलने के काबिल ही ना बचे”
मैं उनका दूध चुस्त चुस्त धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा और चुदाई का मजा लेने लगा पूरा कमरा हमारे गरम चुदाई की आवाज से गूंज उठा
बहन की चूत में भाई का लंड चलता रहा और यह नहींनिगोड़ी छूट पर भी अब पूरी तरह खुल चुकी थी और गर्म पानी फेंक रही थी
25 मिनट की चुदाई के दौरान दीदी ने दो बार अपनी चूत से पानी की बौछार की और अब मेरा भी माल दीदी को तृप्त करने वाला था दीदी से पूछा दीदी अपने भाई का लैंड का पानी कहां लगी मुंह में या चूत में वह बोली “इसे मेरी चूत नहीं निकाल दे मेरी चूत बहुत दिनों से प्यासी है”
मैंने सारा माल दीदी की चूत के अंदर और बाहर निकाल दिया और दीदी के ऊपर जाकर गिर गया और उनके पतले पतले होठों को किस करने लगा मुझे वह अब मेरे सेक्स टॉय की तरह प्रतीत होती है जिसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं और लैंडकी प्यास इतनी की काबू न हो
अब जब भी हमारे घर वाले कहीं जाते हैं हम इसी प्रकार गणगौर चूड़ाइयों का मजा लेते हैं मैं उसे लगभग हर महीने कई बार छोड़ता हूं और उसे अपने हाथी जैसे लैंड का आनंद देता हूं उसकी छोटी-छोटी चूचियां मुझे प्रफुल्लित कर देती है और लगभग हर समय उसकी चूचियोंपरऔर सफेद हड्डी दर गांड पर मेरे दांतों के निशान रहते ही है