विधवा मकान मालकिन का जंग लगा भोसड़ा साफ किया

विधवा मकान मालकिन का जंग लगा भोसड़ा साफ किया 

 

मेरा नाम अमित है मैं जॉब करने के लिए गांव से शहर आया हूं मैं बरेली का रहने वाला हूं अब जब के सिलसिले में दिल्ली रहने लगा हूं मैं जब दिल्ली आया था यहां मैं का एक कमरा किराए पर लिया था मकान मालकिन विधवा थी और जब वह पहले महीने का किराया मांग में आई तो मैंने उसे चाय पर अंदर बुला लिया मेरी हाइट 57 फीट की है और मेरा लौड़ा 8 इंच का है जो किसी भी छूट का भोसड़ा बन सकता है

 

और मैं अपने मकान मालकिन के बारे में बता देता हूं वह काफी मोटी और भरी हुई है 43 साल की औरत है उसका फिगर 38 40 42 है मतलब की गांड काफी बड़ी है

 

उनके पति को गुजरे 3 साल हो गएऔर उनका कोई बच्चा भी नहीं है

 

एक दिन जब किराया मांगने आई मैंने उन्हें अंदर बुला लिया और बहुत सम्मान दिया वह बहुत खुश हो गई मैंने कहा आंटी जी आप क्या चाय पियेंगे वह बोली हां जरूर 

 

मैं दोनों के लिए चाय बनाने लगा और वह किचन में आ गई और बोली अमित तुमने कैमरा तो बहुत साफ और अच्छा सजा रखा है

 

मैं बोला आंटी जी मुझे साफ सफाई और सजावट का बहुत शौक है

वह किचन की साफ सफाई कर भी देखने लगी औरमैं देर ना करते हुए पूछा आप कमरे में अकेली रहती हैं आपको डर नहीं लगता

वह हंसने लगी और बोली नहीं डर कैसा

 

मैं उन्हें देखने लगा और फिर हमने चाय पीते वक्त बातें करें उन्होंने मुझसे पूछा क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है मैं बोला नहीं आंटीवह बोली नहीं ऐसा हो ही नहीं सकता

वह बोली नहीं तुम इतनी सुंदर और स्मार्ट हो ऐसा हो ही नहीं सकता 

 

तुम इतनी सुंदर और स्मार्ट हो ऐसा हो ही नहीं सकता कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड ना हो

तो मैंने उन्हें बताया कि मुझे लड़कियां पसंद नहीं आती है आंटी जी मुझे बड़ी औरतें पसंद है

 

वह हंसने लगी और बोली पागल हो तुम फिर बोली कैसी औरतें पसंद है

 

मैं देर ना करते हुए कहा आपके जैसे और वह हंसने लगी और बोली क्या खास है मुझ में?

 

मैं बोला आप काफी सेक्सी है

 

आंटी की शर्मा है देखकर मैंने उन्हें कहा, आंटी, आपने कब से सेक्स नहीं किया?

 

वह बोली, “बदतमीज, यह सब क्या बोल रहे हो?जब तुम्हारे अंकल थे तब लास्ट टाइम किया था करीब 4 साल पहले

 

मैंने पूछा मन नहीं करता?

 

वह बोली  करने से क्या होगा जब होगा ही नहीं

 

 फिर भी बताओ कि जब मन करता है तो आप क्या करतीहो?

 

मैं उनसे बोला मैं आपकी कमी दूर कर सकता हूं

 

वह न जाने क्यों मुझे अचानक लिपट गई और रोने लगी मैंने उनकी उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और गले लगा कर रखा 2 मिनट बाद हमारी सांसे गर्म हो गई और मैं काम वासना को जगा लिया मैंने उनके होठों को किस करना शुरू कर दिया और उनके चूचू को दबाने लगा

 

कितने सालों से किसी मर्द का स्पर्श न मिलने के कारण वह काफी उत्तेजित हो गई और कामुक आवाज करने लगी

 

मैं समझ गया कि आंटी गरम हो चुकी है मैंने पहले उनकी साड़ी में हाथ डाल दिया और मैं चौंक गया क्योंकि उनकी चूत बिल्कुल चिकनी थी

मैंने उनकी चूत  को ऊपर से सहलाने का काम चालू कर दिया

 

फिर आंटी नीचे बैठ गई और मेरे पजामी को नीचे किया मेरे लोड़े को निहारने लगी और फिरझट से उसनेमेरा लौड़ा अपने मुंह में भर लिया और फटाफट अपने मुंह की चुदाई करने लगीलंबे समय से लौड़ा ना मिलना एक औरत के लिए गंभीर विषय होता है और इतने सालों बाद लैंड मिलना किसी खजाने से काम नहीं आंटी इस खजाने का पूरा आनंद ले रही थी मेरे लोड़े को गले में उतर कर गक की आवाज निकल रही थी

 

लौड़ा कितना ही अंदर डाल दूं आंटी के गले में लौड़ा जाता ही जा रहा था फिर मैंने उन्हें बेड पर लेताया और उनके ब्लाउज को खोलने लगा उनकी बढ़िया-बढ़िया चुटिया बाहर लटक गई मैं उनके निपल्स को बुरी तरह चाटने लगा और उनके निप्पल को बुरी तरह काटने लगा

वह बहुत कामुक हो गई और मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूत में जोर-जोर से उंगली करवाने लगी

 

उसके बाद उसने मुझे नीचे बिठा दिया और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में मसलने लगी और जोर-जोर से सिसकारियां लेने लगी और बोली अमित और जोर से चाटो

 

और मैं उनकी चूत को जोर-जोर से चाटने लगा मैंने जैसे ही उनके बड़े पर्दों पर जीत चलाई वह मेरे मुंह में ही झड़ गई जब उनकी चूत से पानी निकाला वह पूरी तरह मुझ पर ऊपर से नीचे तक चाटने लगी

 

वह खड़ी हो गई और मुझसे लिपटने लगी मेरा लौड़ा पकड़ लिया और उसे जोर-जोर से हिलने लगी उसके बाद उसने मुझे धक्का दे दिया और जोर से बेड पर गिरा दियाऔर बोली “अमित अब अपना लौड़ा मुझे दे दो और मैं जो कर रही हूं मुझे करने दो”

 

वह अपना कामुक ग्राम बदन मेरे ऊपर आकर मुझसे मिलने लगी और अपना हाथ अपनी चूत पर मालकर उसे जिला करने लगी मेरा लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत के पर्दों में उसे घुसने लगे 2 मिनट लौड़ा घुसाने के बाद उसमेंमेरे लोड़े पर थूक लगाए और अपनी मोटी चूत में घुसेड दिया

 

मेरे जिस्म के ऊपर इतना वजन होने के कारण मैं नीचे दब गया था पर उनकी मोटी चूत इतनी गरम थी कि मुझे काफी मजा आ रहा था उसके बाद वह मेरे ऊपर झटका लगने लगी और पसीने में लटपट हो गई

 

उनकी स्पीड और ट्रक उनके मुंह पर आवाज़ और उनका भारी शरीर होने के बावजूद इतनी तेज झटका मार रही थीकि वह मेरे ऊपर ही दो बार झड़ गई

 

फिर भी उसकी सांसे काबू नहीं आ रही थी वह चोदते समय “बहुत अच्छा बहुत अच्छा बहुत अच्छा चिल्ला “रही थी

 

उसके बाद वह मेरे ऊपर से हड्डी और अपना सारा माल मेरे लोड़े से चैट गई करीब आधा घंटा मेरे लोड़े पर उछलने के बाद उनकी सांसे ठंडी होने लगी लेकिन जैसे मैंने बताया कि मेरा लौड़ा 8 इंच का है तो इतनी जल्दी कहां शांत होने वाला था मैंने आंटी के बोल पड़े और आंटी का गला पकड़ और जोर से दबा दिया उनकी आंखों में देखा उनकी आंखों में धड़कइतनी बढ़ गई थी कि वह काबू में आने को राजी ही नहीं थी उनकी आंखें धड़क के कारण नशीली हो गई थी और मैंने आंटी को बॉडी बनाए और अपना लौड़ा आंटी के भोसड़े पर रखकर जोर से फैक से अंदर डाल दिया 

आंटी चिल्लाई “अ कमीने मेरी चूत कोई रबड़ की नहीं है दर्द हो रहा है आराम से कर”

 

मैं हंसने लगा और आंटी की चूत में घोड़ी बनाकर झटके मारने लगा आंटी की गांड इतनी बड़ी और गोल थी मानो हाथी की गांड मैं धीरे-धीरे अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा रहा था आंटी की सिसकियां भी उसी प्रकार बढ़ती जा रही है मैं झरने वाला था पर झुका नहींआंटी को रैंड बनाकर अपने लोड पर आनंद लेता रहा इतने में आंटी को पता चल गया कि मैं झड़ने वाला हूं और वह रैंड चूड़ी फटाक से हट गई

 

और मुझे कामवासना से मुंह खोलते हुए बोली “इतनी जल्दी नहीं मेरे लाल अभी तो मैं ठंडी भी नहीं हुई “

 

उसे रंडी ने मुझे अपने ऊपर लेटा लिया और मुझे दूध पिलाने लगीमेरा लौड़ा किसी लोहे के शरीर से कम खड़ा नहीं था और मैं भी किसी तरीके से अपना माल निकालने की फिराक में था उसके बाद आंटी ने मुझे खूब चुम्मा और फिर से आंटी को मैं गर्म कर दिया अब आंटी की चूत फिर से नमकीन पानी टपकने लगी और अपने एक हाथ से भी अपनी मोटी गाडरी चूत को मसलने भी लगी

मैं समझ गया कि आंटी को फिर से लोड की भूख लग गई है मैं उठा और आंटी के ऊपर चढ़ गया आंटी के सामने खड़ा होकर मैं बेड के कोने में खींच आंटी को और चूत में दो उंगली एक साथ डाल दी

 

जैसे ही मैंने आंटी की चूत में उंगलियां डाली मैंने आंटी की चूत में उंगली सिलाई मशीन की स्पीड से चलाई आंटी की चूत से एकदम  पानी की बौछार्ड आई और बिस्तर पर गिर गई आंटी बेहोश सी हो गई 10 मिनट बाद मेरे बिस्तर पर ही पड़ी रही और उठी कपड़े पहने और इतनी खुश मानो फुल नहीं समा रही थी

 

आज मुझे यहां रहते 1 साल पूरा हो गया है और मैं अब तक एक भी महीने का किराया आंटी को नहीं दिया है बस दिया है तो अपना मोटा लौड़ा हफ्ते में तीन बार जिससे वह बहुत प्रसन्न है 

Leave a Comment